आईना

तेरे चेहरे कि शिकन बर्दाश्त न होती
तुझे खुश रखने में मुझही को बदलती।

एक दिन हुआ आईने  से सामना मेरा
पहचान न पायी वह कौन था खड़ा

सूखे बाल, लाल आखें, होंठ फटे
साफ़ बयां कर रहे थे पिछले दिन जो कटे

गौर से देखकर मैंने पूछा उसका नाम
‘रेवती ‘ कहते ही हुई उसकी आँखें नम।

नाम भी शायद उसी ने होगा दिया
शक्ल, हस्ती और बोली वह सब बदल गया।

अपने आप को बदल कर क्या तूने पाया
आक्रोश, डर और अफ़सोस ही दिल में समाया।

लौट आ अभी भी वक़्त है
दिल कि लौ अभी भी तेज़ है।

मत मिटा अपने मन का विश्वास
हाँ, अभी भी है तू ख़ास।

शायद वो था नहीं तेरा हमसफ़र
साथ न चल पाते दोनों रहगुज़र।

ले किस्मत को हथेली पर और भर दे गुलाल
वादा है खुद से न रहेगा कोई मलाल।
 

इंतज़ार

 
 इंतज़ार
 
क्यूँ  नही आता वो लम्हा जिसका इंतज़ार है 
सदियों से उसके आने कि पुहार है
 
कब होगा मेरा सामना उससे, कब पूछ पाऊँगी वो अधूरे सवाल 
 जिन सवालों को वो मोड़ गया था 
 मेरे ही सवाल मुझही पे छोड़ गया था 
 
उस लम्हे के बाद न आयी मेरे दिल से आवाज़ 
 उन एहसासों को मुझ में दफ्न कर गया था 
 
 उस वक़्त से इस वक़्त का इंतज़ार ता उम्र रहेगा 
एक उम्मीद में कि वोह लम्हा फिर आएगा 
 
 होंगे आमने सामने मौजूद हम 
  पूछ पाऊँगी क्यूँ दिए थे वो ज़ख्म 
 
क्यूँ खेल तूने यह खेला 
 मौत भी तू किश्तों में दे चला। 


एक दस्तक


मेरे टूटे हुए दिल पे आयी एक दस्तक
एक अरसा बीत गया था , कईं साल गुज़र चुके थे।

मैंने कर दिया अनदेखा उसे , मेरे मन का ब्रह्म समझ के
कुछ दिनों बाद फिर से वही दस्तक सुनी।

किवाड़ खोली तोह देखा, उसे, त्वरित साँसे साफ़ सुनाई देती थी
अविलंभ हाथ बढ़ाते हुए कहा उसने, इंतज़ार है तुम्हारा।

अचम्भा हुआ और डर भी, विश्वास टूट चूका था पहले ही,
मेरी हिचकिचाहट पहचानी उसने।

हाथ और बढाकर कहा, थाम्ब लो,
माइने पता थे मुझे, एक ओर डर पर उसकी बाज़ुओ पर भरोसा भी।

ग़ौर से देखा और थामा उसका हाथ
“शुक्रिया, छोडूंगा नहीं कभी। “

मैंने भी मुस्कुराते कहा “पहले तुटी थी अब तोह बिखजाउंगी।

Comfort Zone

For all those who are harping on the recession bandwagon…..Get out there Conquer the world
Need Motivation …..Post it
Comfort Zone

I use to have a Comfort Zone
Where I knew I couldn’t fail
The same four walls of busy work
Were really more like jail.

I longed so much to do the things
I’d never done before,
But I stayed inside my Comfort Zone
And paced the same old floor

I claimed to be so busy
With the things inside my zone,
But deep inside I longed for
Something special of my own.

I couldn’t let my life go by,
Just watching others win.
I held my breath and stepped outside
And let the change begin.

I took a step and with new strength
I’d never felt before,
I kissed my Comfort Zone ‘goodbye’
And closed and locked the door.

If you are in a Comfort Zone,
Afraid to venture out,
Remember that all winners were
At one time filled with doubt.

A step or two and words of praise,
Can make your dreams come true.
Greet your future with a smile,
Success is there for you!